WORLD RENEWAL SPIRITUAL TRUST (REWA B K MARG) ( TRANSPORT AND TRAVEL WING, POLITICIANS SERVICES WING, EDUCATION WING, SECURITY SERVICES WING, MEDICAL WING, MEDIA WING, ADMINISTRATORS SERVICES WING, YOUTH WING )
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Campaign, Dialogue Session, Event For Children, Press Conference, Public Event, Social Service
सड़क यातायात पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, शांति धाम झरिया रीवा में 2024 का विश्व स्मरण दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन समाज में सड़क दुर्घटनाओं के प्रति जागरूकता फैलाने और पीड़ितों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए किया गया। कार्यक्रम में नगर पुलिस अधीक्षक डॉ. रितु उपाध्याय ने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए परोपकारिता की भावना को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि हमें दूसरों के कष्ट को समझने की आवश्यकता है। आजकल लोग अपने ही कष्टों में इतने व्यस्त हैं कि दूसरों के दर्द को समझने का समय नहीं निकाल पा रहे हैं। डॉ. उपाध्याय ने यह भी कहा, "हमारी भावना ऐसी होनी चाहिए जैसे हम अपने कष्ट के प्रति संवेदना महसूस करते हैं, उसी तरह दूसरे के कष्ट को भी जानना चाहिए।" यह विचार न केवल मानवता की सेवा का संदेश देता है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।<br/><br/>कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. राहुल मिश्रा, संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक संजय गांधी अस्पताल, ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पुण्य कार्यों को बार-बार करने से व्यक्ति के संस्कार में परिवर्तन आता है। उनका मानना था कि नशे की आदतें सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि हम ध्यान और ज्ञान का नशा करें तो अन्य नशे अपने आप समाप्त हो जाएंगे। यह विचार न केवल स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में भी एक प्रेरणा है।<br/><br/>कार्यक्रम में थाना प्रभारी श्रीमती अनिमा शर्मा ने यातायात नियमों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हिट एंड रन जैसे मामलों को कैसे रोका जा सकता है और एक अच्छे नागरिक की पहचान क्या होती है। उनकी जानकारी ने उपस्थित लोगों को यातायात नियमों का पालन करने और सड़क पर सुरक्षित रहने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था जब सभी उपस्थित लोगों ने मोमबत्तियाँ जलाकर सड़क यातायात पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह एक भावनात्मक क्षण था, जिसमें सभी ने मिलकर उन लोगों को याद किया जो सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हुए हैं। इस क्रिया ने सभी को एकजुट किया और यह दर्शाया कि हम सभी मिलकर समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।<br/><br/>इस कार्यक्रम में 100 से अधिक बस, ट्रक, ऑटो एवं प्रबुद्ध समाजसेवियों ने भाग लिया। इसमें रमेश तिवारी, रमाकांत तिवारी, मनोहर लाल आहूजा, अतुल पांडे, ज्ञानेंद्र केसरवानी जैसे प्रमुख व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके अलावा वरिष्ठ पत्रकार गुलाम मोईनुद्दीन, डॉक्टर बीके अर्चना बहन और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन संजय सेन और दीपक तिवारी ने किया। उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए विचारों ने कार्यक्रम को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने में मदद की। सभी उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती सीमा श्रीवास्तव ने कार्यक्रम का समापन किया।<br/><br/>इस प्रकार, ब्रह्माकुमारीज संस्थान द्वारा आयोजित विश्व स्मरण दिवस कार्यक्रम ने न केवल सड़क यातायात पीड़ितों को याद करने का अवसर प्रदान किया, बल्कि समाज में सुरक्षा और संवेदनशीलता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। ऐसे आयोजनों से हमें यह सीखने को मिलता है कि हम सभी मिलकर एक बेहतर समाज बना सकते हैं जहां हर व्यक्ति की सुरक्षा और कल्याण का ध्यान रखा जाए। इस पहल से यह स्पष्ट होता है कि जब हम दूसरों के प्रति संवेदनशील होते हैं, तब हम अपने समाज को सुरक्षित और समृद्ध बना सकते हैं।